बिना नींद की रातें, माँ की झोली में है जीवन भर की सौगातें, उसको सदामिली है।
माँ कभी छुट्टी नही लेती हर एक किरदार वो बहुत ही बखूबी से अदा करती है, हम सभी जानते है माँ बनने के बाद एक औरत के जीवन में समर्पण की भावना जागृत हो जाती है। वो औरत जो अभी अपने बारे में सोचती थी, न जाने कितने ही खूबसूरत से सपने बुनती थी, वो सारे सपने वो अपने आने वाले कल को अपने बच्चे व परिवार को समर्पित कर देती है। हर मोड़ पे परिवार और बच्चो के सपनो के लिए न जाने कितने ही स्वार्थत्याग करती है। चाहे दिन हो या रात ,वीकेंड हो या कोई त्योहार माँ के बिन बिल्कुल अधूरा व बिल्कुल सूना होता है। तभी तो इनकी कभी छुट्टी नही होती निस्वार्थ किसी न किसी रूप में खुशियाँ बिखेरती रहती है, हम सुकून से रह सकें रब से हर वक़्त दुआयें मांगती रहती है, कहते है ना कि ठंडी छाया की तरह होती है माँ। माँ एक प्यार भरा एहसास है कड़कती धूप हो या ठिठुरती हुई सर्दी
बिना परवाह किये वो सबका ख़्याल रखते हुए खुद का ख्याल रखना भूल जाती है। माँ बनने का एहसास, माँ बनने के बाद ही समझ आता है, अपने अंदर पल रही नन्ही सी जान की देखभाल करनी है, वो भी सिर्फ मनोभाव से, आश्चर्य होता है ना। अपनी ज़िंदगी मे कितनी ही व्यस्त क्यों न हो सबकुछ भूल कर बच्चे को सीने से लगाती है सारी थकान भूल जाती है मानो सारा संसार उसी में बसा हो। यह ब्लॉग उन सभी ईश्वर रूपी माताओं के लिए है जो अपना काम करते हुए माँ की भूमिका माँ का कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाती है। बहुत ही स्नेह सभी माताओं को प्रणाम भूमि।
एक नज़र जिनकी दे जाती थीं सुकून,
बेरुख़ी उनकी बनी लिखने का जूनून।













